Programming language kya hai in hindi

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नमस्कार दोस्तों आज का आर्टिकल बहुत इंटरेस्टिंग होने वाला है| आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि Programming language kya hai और Programming language kya hai in hindi

Programming language kya hoti hai- प्रोग्रामिंग भाषा एक कंप्यूटर भाषा है जो प्रोग्रामर (डेवलपर्स) द्वारा कंप्यूटर के साथ संवाद करने के लिए उपयोग की जाती है। यह किसी विशिष्ट कार्य को करने के लिए किसी भी विशिष्ट भाषा (C, C ++, Java, Python) में लिखे गए निर्देशों का एक समूह है| एक प्रोग्रामिंग भाषा मुख्य रूप से डेस्कटॉप एप्लिकेशन, वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने के लिए उपयोग की जाती है।

प्रोग्रामिंग भाषा दो प्रकार के होते हैं:-

  1. निम्न स्तरीय भाषा (Low level Language) 
  2. उच्च स्तरीय भाषा (High Level Language)

मशीन भाषा Machine Language

मशीन भाषा, किसी विशेष कंप्यूटर के संचालन के लिए संख्यात्मक कोड सीधे निष्पादित कर सकते हैं। कोड 0s और 1s, या बाइनरी अंक ("बिट्स") के तार हैं, जिन्हें अक्सर मानव देखने और संशोधन के लिए दोनों से और हेक्साडेसिमल (बेस 16) में परिवर्तित किया जाता है। मशीन भाषा निर्देश आम तौर पर संचालन का प्रतिनिधित्व करने के लिए कुछ बिट्स का उपयोग करते हैं, जैसे कि अतिरिक्त, और कुछ ऑपरेंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए, या शायद अगले निर्देश का स्थान। मशीनी भाषा को पढ़ना और लिखना मुश्किल है, क्योंकि यह पारंपरिक गणितीय संकेतन या मानव भाषा के समान नहीं है, और इसके कोड कंप्यूटर से कंप्यूटर में भिन्न होते हैं।

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असेम्बली भाषा Assembly Language

असेंबली लैंग्वेज एक निम्न-स्तरीय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसे एक विशेष प्रकार के प्रोसेसर के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा (जैसे C / C ++) से स्रोत कोड संकलित करके निर्मित किया जा सकता है, लेकिन इसे स्क्रैच से भी लिखा जा सकता है। असेंबली का उपयोग करके असेंबली कोड को मशीन कोड में बदला जा सकता है।

चूंकि अधिकांश कंपाइलर स्रोत कोड को सीधे मशीन कोड में बदल देते हैं, इसलिए सॉफ्टवेयर डेवलपर अक्सर असेंबली भाषा का उपयोग किए बिना प्रोग्राम बनाते हैं। हालाँकि, कुछ मामलों में, असेंबली कोड का उपयोग प्रोग्राम को फाइन-ट्यून करने के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, एक प्रोग्रामर असेंबली भाषा में एक विशिष्ट प्रक्रिया लिख ​​सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह यथासंभव कुशलता से कार्य करता है। जबकि असेंबली लैंग्वेज प्रोसेसर आर्किटेक्चर के बीच भिन्न हैं, वे अक्सर समान निर्देशों और ऑपरेटरों को शामिल करते हैं।

High Level Language

उच्च स्तरीय भाषा कम्प्यूटर में प्रयोग की जाने वाली वह भाषा है जिसमें अंग्रेजी असंख्याओं एवं विज्ञों का प्रयोग कर प्रोग्राम लिखा जाता है। यह मशीन पर निर्भर (Machine dependent) नहीं है। इन प्रोग्रामिंग भाषाओं को कार्यानुसार चार वर्गों में विभाजित कि गया है:-

  1. वैज्ञानिक प्रोग्रामिंग भाषाएँ (Scientific Programming Languages): इनका प्रयोग मुख्यतः वैज्ञानिक कार्यों के लिए होता है; जैसे-अल्गोल, बेसिक, फोरट्रॉन, पास्कल आदि।
  2. व्यावसायिक प्रोग्रामिंग भाषाएँ (Commercial Programming Language व्यापार संबंधित कार्यों, जैसे- बही खाता, रोजानामचा, स्टॉक आदि का लेखा-जोखा आदि । लिए इनका उपयोग किया जाता है। जैसे- PL1, कोबोल, डीवेस आदि ।
  3. विशेष उद्देश्य प्रोग्रामिंग भाषाएँ (Special Purpose Programming Language® ये भाषायें विभिन्न कार्यों को विशेष क्षमता के साथ करने के लिए प्रयोग की जाती है । जै AP360, लोगो आदि। डिजाइन टूल्स तथा प्रोग्रामिम भाषाएँ
  4.  (Multipurpose Programming Languages. जो भाषायें 65 समान रूप से विभिन्न प्रकार के कार्यों को करने की क्षमता रखती है। सहे बहुउद्देशीय भाषा करते है। जैसे- बेसिक, पास्कल, PL1 आदि ।
  • पोट्रॉन (FORTRAN-Formula Translation) : इसका विकास सम् ।।15 । (BMPO4 कम्प्यूटर के लिए जॉन बेकस के नेतृत्व में हुआ था। यह गणितीय काथो मात्रा नवा । मतभा को करने में पूर्णतः सक्षम है। इसका उपयोग वैज्ञानिका तथा इंजीनियरों द्वारा किया जाता है। यह प्रोग्रामिंग के लिए, विकसित की गई सर्वप्रथम भाषा है।
  • अस्पॉल (ALGOL-Algorithmic Language) :अल्गाल का विकास सन् 1958 में लाल 58 के नाम से हुआ था। 1960 में इसमें थोड़ा परिवर्तन कर अलील 60 लाया गया। उपयोग वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग उद्देश्य से किया जाता है, तथा यह गणितीय गणना करने में पूर्ण रूप से सक्षम है।
  • PL1(Programming Language 1) :PL1 का विकास सन् 1960 में IBM के द्वारा व्यावसायिक तथा वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के लिए किया गया था। यह एक सफल प्रोग्रामिंग भाषा है, सिवाय इसके कि यह बहुउद्देशीय प्रसाधन देने के कारण छोटे मशीनों के लिए बहुत बड़ा है।
  • पास्कल (Pascal) : सन् 1971 में निकलॉस विर्थ द्वारा पास्कल भाषा का विकास किया गया। इस समय अन्य भाषाओं में जो कमी थी उसे पास्कल में प्रदान करने की कोशिश की गई। इस भाषा में संरचित प्रोग्रामिंग तकनीकों (Structured Programming technique) की सुविधा प्रदान की गई इसे विकसित करने का मूल प्रयोजन छात्रों को प्रोग्रामिंग के मूलभूत तत्वों से अवगत कराना था। यह शिक्षण कार्यों के लिए विकसित किया गया था।
  • बेसिक (BASIC-Beginner's All-purpose Symbolic Instruction Code) - 1964 में जॉन जार्ज कैमी और थॉमस यूजीन कटज ने बेसिक भाषा का विकास किया । नये प्रोग्रामरों के लिए यह सरल तथा शक्तिशाली भाषा है। यह इनद्ैव्टिव उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है। इसका उपयोग वैज्ञानिकों तथा व्यवसायियों दोनों द्वारा किया जाता है। 
  • h141 (COBOL Common Business Oriented Language) I विकास व्यावसायिक हितों के लिए किया गया। इस भाषा में निखे गये बाक के समूह की ्र कहते हैं। सभी पैराग्राफ मिलकर एक सेक्शन बनाते हैं और सेक्शनो से मिलकर वजन का उपय काबल में गणितीय शब्दावली के लिए ADD, SUBTRACT आर MU होता है। वह अंग्रेजी भाषा की तरह है तथा इसमें सर्वाधिक उपयुक्त हाक्यमतलन|
  • लोगो (Logo) :इस भाषा का विकास कम्प्यूटर शिक्षा को सरल बनाने हेतु किया गया। समें चित्रण इतना सरल है कि छोटे बच्चे भी चित्रण कर सकते हैं। लोगो भाषा में चित्रण के लिए एक विशेष प्रकार की त्रिकोणाकार आकृति होती है जिसे टरटल (tue) कहते हैं। यह निर्देशों द्वारा किसी भी तरफ घुम सकता है। जब टरटल चलता है तो पीछे एक रेखा चलाता जाता है जिससे अनेक प्रकार के चित्रों को सरलता से बनाया जा सकता है। 'सी' (C) :सी प्रोग्रामिंग भाषा 1970 के दशक में हनिस रिची द्वारा विकसित किया गया या। सी कम्पाईलर सारे मशीनों/कम्यूटरों पर कार्य करने में सक्षम है। अतः इसका उपयोग बहुत व्यापक रूप से होता है। यह सामान्य उद्देशीय (General purpose) प्रोग्रामिंग भाषा है।
  • कोमल (COMAL-Common Algorithmic Language) यह सन् 1973 डेनमार्क के बेनेडिक्ट गॉफस्टड औरश्रीज किस्टनसन के हारा विकास किया गया था। कोमल बेसिक और पास्कल भाषा का मिला जुला रूप जो छात्रों को शिक्षा दिने के लिए डिजाइन किया गया था।
  • प्रोलॉग (Prolog): यह प्रोग्रामिंग इन लॉजिक (Programming in Logic) का संक्षिप्त है। यह डाटा स्ट्रक्चर का धनी संग्रह है। इसका उपयोग बुद्धिमान सिस्टम (Intelligent System), विशेषज्ञ सिस्टम (Expert System) को विकसित करने में किया जाता है, ज तार्किक और भावनात्मक प्रोग्रामिंग में संभव है। 
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Conclusion

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